गांव की याद मा
****************
देव भूमि से मिल्यौ मेरु गांव
प्यारु न्यारू कन स्वानु च मेरु गांव
पित्रो कु बसायौं मेरु गांव
गांव से आज भी जुडी वूंकु नाम
कथा भूयणा रांसा चोपला से जुडी गांव की याद
मुवोल संग्रांद देवतो मु शंख की नाद
अँधेरा मैना ढोल -दमो मा नपती की आवाज
सु पिट्ठू,राज,लुक्का -छुपी गारा खेन आज भी च याद
जब याद ऐ जांदी स्कूल की वा पैली घंटी अभी भी सुनेंदी
पूसा मेना कुटुम्दारी चुलड़ी पर बैठी आधी रात गपोड़ी लाण
ब्यो -बारातियो मा माला तिमला पात का पतला - पुढ़का बणाण
बग्वालियो मा छैनटा दोली कु भेलु बाणोंण
चिट्टी पत्री की याद मा खुदैण
गांव मा हर केकु हाल चाल पुछण
दाना स्याणु कु आदर सत्कार हर बात वोंकी मण
म्यो म्यवाग मा घिरमिट करि कठा हुँण
ब्यो बरातियों की कुछ अलग ही छे बात
कुये- पन्या- केला पत्तु बणदी छे गेट
आज एनु टेक्नलॉजी जमनु ऐगी सब इंटरनेट पर वेगि सेट

Comments
Post a Comment